(N/A) मान लीजिए कि एक निकाय $n$ कणों से बना है,जिनका द्रव्यमान $m_1, m_2, \dots, m_n$ है और वे क्रमशः $\vec{v}_1, \vec{v}_2, \dots, \vec{v}_n$ वेग से गति कर रहे हैं।
निकाय का कुल रैखिक संवेग $\vec{P}$,सभी कणों के व्यक्तिगत संवेगों का सदिश योग होता है:
$\vec{P} = \vec{p}_1 + \vec{p}_2 + \dots + \vec{p}_n = m_1 \vec{v}_1 + m_2 \vec{v}_2 + \dots + m_n \vec{v}_n$ --- $(1)$
द्रव्यमान केंद्र का वेग $\vec{V}$ इस प्रकार परिभाषित है:
$\vec{V} = \frac{m_1 \vec{v}_1 + m_2 \vec{v}_2 + \dots + m_n \vec{v}_n}{m_1 + m_2 + \dots + m_n}$
मान लीजिए कि निकाय का कुल द्रव्यमान $M = \sum_{i=1}^{n} m_i$ है। अतः:
$\vec{V} = \frac{m_1 \vec{v}_1 + m_2 \vec{v}_2 + \dots + m_n \vec{v}_n}{M}$
इसे पुनर्व्यवस्थित करने पर,हमें प्राप्त होता है:
$M \vec{V} = m_1 \vec{v}_1 + m_2 \vec{v}_2 + \dots + m_n \vec{v}_n$ --- $(2)$
समीकरण $(1)$ और $(2)$ की तुलना करने पर,हमें प्राप्त होता है:
$\vec{P} = M \vec{V}$
अतः,कणों के निकाय का कुल संवेग,निकाय के कुल द्रव्यमान और द्रव्यमान केंद्र के वेग के गुणनफल के बराबर होता है।